आजिम ने बताया - 'हमने पूरी रात खेत में गुजारी. बहुत ठंड और दर्दभरी रात थी, मैं कभी नहीं भूल पाउंगा. तड़के ही हमने एक ठाकुर परिवार, जिसे हम जानते थे, का दरवाजा खटखटाया, उसने कुछ दिनों तक हमें शरण दी. 'from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2AUSoap
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