वृंदावन की संकरी गलियों से निकलते हुए जब कुछ पत्रकारों ने उनसे बात करने की कोशिश की, तो तेजप्रताप खासे नाराज़ दिखे. उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी जिंदगी जी लेने दो भाई. मैं शांति की तलाश में हूं. उसमें अनावश्यक हस्तक्षेप न करें.’from Latest News बिहार News18 हिंदी https://ift.tt/2zJWtxO
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