पूर्व में नीरज की इच्छा के मुताबिक उनके पार्थिव शरीर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को दान किया जाना था. लेकिन लगातार खराब स्वास्थ्य के कारण उनके विभिन्न अंग इस स्थिति में नहीं रह गये थे कि उन्हें चिकित्सा शोध कार्य में इस्तेमाल किया जाता.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2O7ZJcO
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